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महावतार बाबाजी नागराज की परिचय बाबाजी को आध्यात्मिक दुनिया मैं सनातन सिद्ध जाना जाता है.बाबाजी सर्वज्ञानी, सर्व शक्तिमान तथा सर्व विद्यमान हैं.परमहंस योगनांद की पुस्तक 'अटोबायोग्राफी अफ ऐ योगी' ने इनको पहली बार पाश्चात्य दुनियाँ से परिचित करबाया था. बाबाजी का माने है 'पूजनीय पिताजी'. जो बाबाजी से मिले हैं वह जानते हैं की वे परम सिद्ध हैं और वे मृत्यु से भी परे हैं. बाबाजीं अपनी इच्छा से स्थूल या सूक्ष्म रूप मैं अतीत, वर्तमान और भविस्य तथा महाकाश मैं कोई भी दिशा मैं यात्रा कर सक्ते हैं.बाबाजी अमर हैं.ये कहा जाता है की वे कोई भी स्थान मैं सात दीन से जादा नहीं रहते.बाबाजी अपनी चहीते चेलों के साथ उत्तर हिमालय मैं भ्रमण करते हैं.बाबाजी कोई भी भाषा मैं बड़ी आसानी से बात कर सक्ते हैं.उनकी अविनाशी शरीर को भोजन की आवश्यकता नहीं है; इसीलिए वे कदाचित् अपनी खुशी से खाना ग्रहण कर लेते हैं.प्रेम ही उनका एक मात्र लक्ष्य है.ये कहा जाता है की जब भी कोई उनका नाम प्रेम,विनम्रता तथा भक्ति भाव से लेता है उस ब्यक्ति को तत्काल उनसे आशीर्वाद प्राप्त होती है. ॐ बाबाजी नमः सेवा ही ईश्वर का वास्तबिक प्रकृति है. बाबाजी |
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