ईष्वर समान गुरुओं के साथ वार्तालाप...और भी
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३0-३-0७ प्रेम मैं जाग्रत हो परमात्मा बोले (३:५७ सुबह): परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): बीजा परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): शिरा परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): आनन्द परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): शिवानंद परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): अमिनेई परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): मैं प्रेम का ईश्वर हूँ और ईश्वर मैं प्रेम हूँ परमात्मा बोले (४:0१ सुबह): तुम्हारे अकेलेपन मैं वह बाहू युगल हूँ जो तुम्हे हमेशा आलिंगन करते हैं परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): जब तुम्हे प्रतीत होता है कोई तुम्हे नहीं सुन रहा है तब मैं तुम्हे पास बुलाता हूँ परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): मैं सर्वोत्तम श्रोता हूँ परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): मैं रहस्यमय तरीके से काम करता हूँ, बुद्धि का यही समझना है परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): तथापि मेरे मार्ग हृदय का मार्ग है जो देख सकता है परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): जहाँपे सब कुछ स्पस्ट है परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): मैं तुम्हारे अंतर का ईश्वर हूँ परमात्मा बोले (४:0२ सुबह): मैं हूँ परमात्मा बोले (४:0३ सुबह): धन्यवाद परमात्मा बोले (४:0३ सुबह): मेरे पास लौट आने के लिये परमात्मा बोले (४:0३ सुबह): मैं तुमसे प्यार करता हूँ परमात्मा बोले (४:0३ सुबह): तुम्हारे पिता, ईश्वर |
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