स्वामी देवीआनन्द
स्वामी देवीआनन्द, मेरे उपर श्री बाबाजी की इस दृष्टी प्रदान से मैं सम्मानित हुई हूँ, जैसे की मैं 'मैत्री समाज' का हिस्सा बनके सम्मानित हुई हूँ. मैं अनेक भूमिका मैं सेवा करती हूँ और खेलती हूँ यथा माँ, पत्नी, महाविद्यालय मैं महाध्यापक, कवि और लेखक, चिकित्सक, व्यवसायी महिला, टि.आर(ट्रान्सेडेन्टल रिवर्थिन्ग) शिक्षक तथा समस्त रूप से एक सन्तुलित और स्नेहमयी इनसान. इस सामूहिक आंदोलन मैं कदम रखने से मेरा जीने का अनुभव और भी गहरा हो गया है, और मैं हृदय मैं प्रेम तथा आनन्द लिये हुए, अधिक से अधिक खुलने के लिये समर्पित हूँ, और मैं अपनी इस समर्पण भाव का सम्मान और श्रध्धा करती हूँ. इस अवसर के लिये धन्यवाद. मैं संस्थापकों और मैत्री समाज के भ्राता तथा भगिनियों के प्रति और आपके प्रति जो अभी इसका पठन कर रहे हैं, क्रुतज्ञ हूँ. स्वागतम और ईश्वर से आशीर्वाद आपकी पथ को शोभान्वित करे.
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